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भाई दूज

भाई-बहन का दिन, जो दिवाली का अंत मीठा करता है।

11नवबुधवार, 11 नवंबर 2026द्वितीया दोपहर 3:53 तक
  • 26 दिन बाकी
  • दिवाली · दिन 6 / 6

पूजा कब करें?

पुणे के लिए · सबसे शुभ समय

पूरा दिन शुभ है। समय आपके शहर के अनुसार बदलता है।

  • पूजा का समय
  • प्रदोष काल
  • रात
  • द्वितीया शुरूदोपहर 2:00मंगल, 10 नव
  • द्वितीया समाप्तदोपहर 3:53बुध, 11 नव
  • प्रदोष कालशाम 5:55 से रात 8:28 तक
दूसरे शहरों का समय
  • पुणेशाम 5:55 से रात 8:28 तक
  • मुंबईशाम 5:58 से रात 8:32 तक
  • ठाणेशाम 5:58 से रात 8:31 तक
  • नासिकशाम 5:53 से रात 8:27 तक
  • नागपुरशाम 5:30 से रात 8:05 तक
  • कोल्हापुरशाम 5:56 से रात 8:28 तक
  • दिल्लीशाम 5:26 से रात 8:06 तक
  • बेंगलुरुशाम 5:48 से रात 8:18 तक
  • इंदौरशाम 5:41 से रात 8:17 तक
  • लंदनशाम 4:14 से रात 7:14 तक
  • न्यू जर्सीशाम 4:39 से रात 7:28 तक
  • दुबईशाम 5:30 से रात 8:07 तक

संक्षिप्त जानकारी

  • अन्य नामभाई दूज, यम द्वितीया
  • कहाँमहाराष्ट्र और पूरा भारत
  • किसकी पूजाभाई और बहन
  • एक पंक्ति मेंदिवाली का आख़िरी दिन, भाई-बहन का।

पूजा कैसे करें?लगभग 15 मिनट

संक्षेप में: मिलना, तिलक, औक्षण, मीठा, आशीर्वाद और उपहार।

  1. 1भाई बहन के घर जाता है, या बहन भाई के घर आती है।मिल न सकें तो फ़ोन या वीडियो कॉल भी चलता है।
  2. 2भाई को चौकी पर बिठाएँ और माथे पर तिलक लगाएँ।भाई को साफ़ आसन पर बिठाएँ।
  3. 3दीये से उसकी आरती उतारें (औक्षण)।दीया हाथ में लेकर तीन बार आरती उतारें।
  4. 4उसे कुछ मीठा खिलाएँ।उसकी पसंद की कोई मिठाई।
  5. 5भाई बहन को उपहार देता है और उसका आशीर्वाद लेता है।आशीर्वाद और उपहार, दोनों प्यार से।

क्या चाहिए?टिक करते जाएँ

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भाई दूज, थोड़ा विस्तार से

  1. 01

    पर्व के बारे में

    भाऊबीज दिवाली का आख़िरी दिन है, कार्तिक शुक्ल द्वितीया को। बहन भाई का औक्षण करती है, और भाई उसे प्यार से उपहार देता है। दिवाली का अंत इसी तरह मीठा होता है।

  2. 02

    महाराष्ट्र की परंपराएँ

    कई घरों में बहन भाई के लिए ख़ास खाना बनाती है। ओवाळणी वह उपहार है जो भाई देता है। शादीशुदा बहनें मायके आती हैं, इसलिए आज घर में भीड़ और बातों की रौनक रहती है।

  3. 03

    यम और यमुना की कथा

    यम की बहन यमुना ने उन्हें कई बार घर बुलाया, पर वे काम में व्यस्त रहे। एक द्वितीया को वे उसके घर गए।

    यमुना ने उनका औक्षण किया और मिठाई खिलाई। प्रसन्न होकर यम ने वर दिया कि इस दिन जिस भाई का औक्षण उसकी बहन करेगी, उसे कोई भय नहीं रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाऊबीज कब है?

कार्तिक शुक्ल द्वितीया को। आपके शहर की तारीख ऊपर दी गई है।

क्या भाऊबीज और भाई दूज एक ही हैं?

हाँ, दिन एक ही है, नाम अलग है।

अगर भाई या बहन दूर रहते हों तो क्या करें?

फ़ोन या वीडियो कॉल करें और उपहार डाक से भेज दें।

दिवाली के छह दिन

पुणे के लिए तारीखें

पूजा से पहले याद दिलाना

एक दिन पहले और पूजा के समय से पहले सूचना। बिना इंटरनेट भी।

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