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लक्ष्मी पूजन

मौसम की सबसे अँधेरी रात दीयों से जगमगाती है। घर में लक्ष्मी का स्वागत करें।

8नवरविवार, 8 नवंबर 2026अमावस्या सोम, 9 नव, दोपहर 12:32 तक
  • 23 दिन बाकी
  • दिवाली · दिन 4 / 6

पूजा कब करें?

पुणे के लिए · सबसे शुभ समय

शाम 5:56 से रात 8:29 तक

प्रदोष काल में पूजा करें। समय आपके शहर के अनुसार बदलता है।

  • पूजा का समय
  • प्रदोष काल
  • रात
  • अमावस्या शुरूसुबह 11:28रवि, 8 नव
  • अमावस्या समाप्तदोपहर 12:32सोम, 9 नव
  • प्रदोष कालशाम 5:56 से रात 8:29 तक
दूसरे शहरों का समय
  • पुणेशाम 5:56 से रात 8:29 तक
  • मुंबईशाम 5:59 से रात 8:32 तक
  • ठाणेशाम 5:59 से रात 8:32 तक
  • नासिकशाम 5:54 से रात 8:28 तक
  • नागपुरशाम 5:32 से रात 8:06 तक
  • कोल्हापुरशाम 5:57 से रात 8:29 तक
  • दिल्लीशाम 5:28 से रात 8:07 तक
  • बेंगलुरुशाम 5:48 से रात 8:18 तक
  • इंदौरशाम 5:42 से रात 8:17 तक
  • लंदनशाम 4:17 से रात 7:16 तक
  • न्यू जर्सीशाम 4:41 से रात 7:29 तक
  • दुबईशाम 5:31 से रात 8:08 तक

संक्षिप्त जानकारी

  • अन्य नामलक्ष्मी पूजन
  • कहाँमहाराष्ट्र और पूरा भारत
  • किसकी पूजालक्ष्मी और गणेश
  • एक पंक्ति मेंदिवाली का मुख्य दिन, लक्ष्मी, गणेश और नए बही-खातों की पूजा का।

पूजा कैसे करें?लगभग 30 से 45 मिनट

संक्षेप में: सफ़ाई, गणेश, लक्ष्मी, सिक्के और बही, नैवेद्य, आरती, फिर पूरे घर में दीये।

  1. 1दिन भर घर की सफ़ाई करें और दरवाज़े पर रंगोली बनाएँ।दिन में ही सारी सफ़ाई कर लें।
  2. 2शाम को प्रदोष काल में चौकी पर साफ़ कपड़ा बिछाएँ।साफ़ कपड़ा और चौकी तैयार रखें।
  3. 3उस पर गणेश और लक्ष्मी की प्रतिमा या मूर्ति रखें।मूर्ति हो या तस्वीर, दोनों चलते हैं।
  4. 4पहले गणेश की पूजा करें, फिर लक्ष्मी की।गणेश से शुरू करें।
  5. 5हल्दी-कुमकुम, अक्षत और फूल चढ़ाएँ।लक्ष्मी को कमल चढ़ाएँ तो अच्छा है।
  6. 6सिक्कों, गहनों और बही-खाते की पूजा करें।बही और गहने सामने रखकर पूजा करें।
  7. 7खील, बताशे और धनिया का नैवेद्य चढ़ाएँ।खील, बताशे और धनिया।
  8. 8आरती करें।सब मिलकर आरती गाएँ।
  9. 9पूरे घर में दीये जलाएँ।दरवाज़े, खिड़की, आँगन में: जहाँ हो सके।

क्या चाहिए?टिक करते जाएँ

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लक्ष्मी पूजन, थोड़ा विस्तार से

  1. 01

    पर्व के बारे में

    लक्ष्मी पूजन दिवाली का मुख्य दिन है, आश्विन अमावस्या को। मौसम की सबसे अँधेरी रात आज दीयों से जगमगा उठती है। इस दिन घर में लक्ष्मी का स्वागत किया जाता है और पूरे साल की समृद्धि माँगी जाती है।

  2. 02

    महाराष्ट्र की परंपराएँ

    महाराष्ट्र के कई घरों में लक्ष्मी पूजन के दिन केरसुणी, यानी झाड़ू की पूजा होती है। व्यापारी नए बही-खातों की पूजा करते हैं, जिसे चोपड़ा पूजन कहते हैं। घर का हर कोना दीयों से जगमगाता है।

    • खील
    • बताशे
    • धनिया
    • केरसुणी पूजन

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लक्ष्मी पूजन कब है?

आश्विन अमावस्या को। आपके शहर की तारीख ऊपर दी गई है।

पूजा का समय क्या है?

शाम को प्रदोष काल में। आपके शहर का समय ऊपर दिया गया है।

क्या लक्ष्मी पूजन ही दिवाली है?

यह दिवाली का मुख्य दिन है, पर दिवाली कई दिनों तक चलती है।

झाड़ू की पूजा क्यों होती है?

कई घरों में इसे साफ़ घर में लक्ष्मी के वास का प्रतीक माना जाता है।

दिवाली के छह दिन

पुणे के लिए तारीखें

पूजा से पहले याद दिलाना

एक दिन पहले और पूजा के समय से पहले सूचना। बिना इंटरनेट भी।

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