बलि प्रतिपदा
नई शुरुआत का दिन: औक्षण, उपहार और राजा बलि की याद।
- 25 दिन बाकी
- दिवाली · दिन 5 / 6
पूजा कब करें?
पुणे के लिए · सबसे शुभ समय
पूरा दिन शुभ है। समय आपके शहर के अनुसार बदलता है।
- पूजा का समय
- प्रदोष काल
- रात
- प्रतिपदा शुरूदोपहर 12:32सोम, 9 नव
- प्रतिपदा समाप्तदोपहर 2:00मंगल, 10 नव
- प्रदोष कालशाम 5:55 से रात 8:28 तक
दूसरे शहरों का समय
- पुणेशाम 5:55 से रात 8:28 तक
- मुंबईशाम 5:58 से रात 8:32 तक
- ठाणेशाम 5:58 से रात 8:31 तक
- नासिकशाम 5:54 से रात 8:27 तक
- नागपुरशाम 5:31 से रात 8:05 तक
- कोल्हापुरशाम 5:56 से रात 8:28 तक
- दिल्लीशाम 5:27 से रात 8:06 तक
- बेंगलुरुशाम 5:48 से रात 8:18 तक
- इंदौरशाम 5:41 से रात 8:17 तक
- लंदनशाम 4:15 से रात 7:15 तक
- न्यू जर्सीशाम 4:40 से रात 7:28 तक
- दुबईशाम 5:30 से रात 8:07 तक
संक्षिप्त जानकारी
- अन्य नामदिवाली पड़वा, बलि प्रतिपदा, गोवर्धन पूजा
- कहाँमहाराष्ट्र और पूरा भारत
- किसकी पूजाराजा बलि और कुलदेवता
- एक पंक्ति मेंपत्नी पति का औक्षण करती है वह दिन, कई लोगों के लिए नया साल, और राजा बलि की याद का दिन।
पूजा कैसे करें?लगभग 30 मिनट
संक्षेप में: स्नान, नए कपड़े, तोरण, औक्षण, उपहार और मीठा भोजन।
- 1सुबह जल्दी उठकर अभ्यंग स्नान करें।सुबह जल्दी उठकर, तेल और उबटन के साथ।
- 2नए कपड़े पहनें।आज नई शुरुआत का दिन है, इसलिए कुछ नया।
- 3दरवाज़े पर रंगोली बनाएँ और तोरण लगाएँ।तोरण त्योहार का स्वागत करता है।
- 4पत्नी पति का औक्षण करती है और माथे पर तिलक लगाती है।औक्षण के बाद तिलक लगाएँ।
- 5पति पत्नी को उपहार देता है।मन से चुना छोटा उपहार भी काफ़ी है।
- 6देवता को नैवेद्य चढ़ाएँ और परिवार के साथ मीठा भोजन करें।सब मिलकर मीठा भोजन करें।
- 7व्यापारी नए खाता-बही शुरू करते हैं।नए खाता-बही शुभ दिन पर शुरू किए जाते हैं।
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बलि प्रतिपदा, थोड़ा विस्तार से
- 01
पर्व के बारे में
दिवाली पड़वा दिवाली का चौथा दिन है, कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को। इसे साढ़े तीन मुहूर्तों में गिना जाता है, इसलिए नया काम शुरू करने, कुछ खरीदने या गृहप्रवेश के लिए शुभ है। इसी दिन राजा बलि को याद किया जाता है, और पत्नी पति का औक्षण करती है।
- 02
महाराष्ट्र की परंपराएँ
कई घरों में यह पति-पत्नी के प्यार का दिन है। औक्षण के बाद पति पत्नी को उपहार देता है, जिसे पड़वे की ओवाळणी कहते हैं। कुछ परिवार राजा बलि का चित्र या प्रतीक बनाकर पूजा करते हैं। कुछ समुदाय इसे नए साल की शुरुआत मानकर आज ही खरीदारी और व्यापार का शुभारंभ करते हैं।
- 03
राजा बलि की कथा
राजा बलि अपनी दानशीलता के लिए प्रसिद्ध थे। वामन ने उनसे तीन पग भूमि माँगी। बलि ने दे दी; वामन ने दो पग में आकाश और पृथ्वी नाप ली और तीसरा पग बलि के मस्तक पर रखा।
बलि को पाताल भेजा गया, पर उन्हें साल में एक बार प्रजा से मिलने आने का वर मिला। इसीलिए इस दिन उन्हें याद किया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिवाली पड़वा कब है?
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को। आपके शहर की तारीख ऊपर दी गई है।
पड़वे का मुहूर्त क्या है?
आमतौर पर पूरा दिन शुभ माना जाता है। आपके शहर का समय ऊपर दिया गया है।
क्या दिवाली पड़वा और बलि प्रतिपदा एक ही हैं?
हाँ, दिन एक ही है, नाम अलग है।
क्या यह नया साल है?
कुछ समुदायों में हाँ। मराठी नया साल चैत्र का गुड़ी पड़वा है।
दिवाली के छह दिन
पुणे के लिए तारीखें
पूजा से पहले याद दिलाना
एक दिन पहले और पूजा के समय से पहले सूचना। बिना इंटरनेट भी।