त्योहार · श्रावण पूर्णिमा
रक्षाबंधन 2026
श्रावण पूर्णिमा को बहन भाई की आरती उतारकर राखी बाँधती है, और भाई उसे उपहार देता है। एक धागा, और उम्र भर का वादा!
तारीख, तिथि और समय
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शहर के अनुसार तारीख
इन शहरों में तारीख अलग है; बाकी में वही।
अगले साल, 2027
संक्षिप्त जानकारी
- अन्य नामराखी, सलूनो, राखी पूर्णिमा
- कहाँपूरा भारत और नेपाल; महाराष्ट्र के तट पर इसी दिन नारली पूर्णिमा
- किसकी पूजाराखी, रक्षा का धागा
- एक पंक्ति मेंरक्षा का बंधन: बहन भाई की रक्षा की प्रार्थना करती है, और भाई बहन की ज़िम्मेदारी लेता है।
रक्षाबंधन, थोड़ा विस्तार से
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पर्व के बारे में
रक्षाबंधन यानी रक्षा का बंधन। राखी शब्द भी रक्षा से ही आया है: रक्षा करने वाला धागा।
आज बहन भाई की आरती उतारती है, राखी बाँधती है, और भाई उसे उपहार देता है। ब्याही बहनें आज ख़ास तौर पर मायके आती हैं।
राखी बस एक धागा है, पर उसमें एक वादा है: मैं तुम्हारे साथ हूँ। आज की सीख यही है: रिश्ते को समय दीजिए, और वह वादा साल भर निभाइए।
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इंद्र और शची की राखी
रक्षाबंधन की शुरुआत कब हुई, इसका पक्का प्रमाण नहीं है। पर इसकी एक किंवदंती है।
देवों और असुरों का युद्ध चल रहा था, और वृत्रासुर के आगे देवों की हार दिख रही थी। तब इंद्र की पत्नी शची, यानी इंद्राणी, ने इंद्र के हाथ पर रक्षा का धागा बाँधा।
उन्हें विश्वास था कि उस धागे के बल पर इंद्र जीतेंगे। और देव जीत भी गए। यानी कथा के अनुसार पहली राखी बहन ने नहीं, पत्नी ने बाँधी थी!
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महाराष्ट्र में और दूसरी जगह
पुराने समय में पुरोहित राजा की कलाई पर रक्षा बाँधते थे, राजा बलि का नाम लेकर। यानी यह बंधन मूल रूप से राजा के लिए था।
एक और प्रसिद्ध कथा: कृष्ण की कलाई से ख़ून बहा, तो द्रौपदी ने साड़ी का पल्लू फाड़कर बाँधा। किंवदंती है कि कृष्ण ने आगे उसकी रक्षा करके उस धागे का ऋण चुकाया।
रानी कर्णावती के हुमायूँ को राखी भेजने की कहानी भी ख़ूब सुनाई जाती है। पर उस समय के लेखन में इसका ज़िक्र नहीं है, और कई इतिहासकार इस पर संदेह करते हैं।
नेपाल में आज जनै पूर्णिमा है, और ओडिशा में गम्हा पूर्णिमा पर किसान गायों-बैलों को भी राखी बाँधते हैं। महाराष्ट्र के तट पर इसी दिन नारली पूर्णिमा है।
राखी कैसे बाँधें
संक्षेप में: थाली, तिलक, आरती, दाहिनी कलाई पर राखी, मिठाई, और भाई का उपहार।
- 1थाली तैयार रखें: राखी, रोली, अक्षत, दीया और मिठाई।कई लोग थाली में नारियल और कुछ सिक्के भी रखते हैं। एक राखी ज़्यादा रखें।
- 2भद्रा खत्म होने तक रुकें; वह कब खत्म होती है, यह ऊपर दिया है।भद्रा (विष्टि करण) को राखी के लिए ठीक नहीं मानते, इसलिए उसके बीतने तक रुकते हैं। अपराह्न, दोपहर बाद का समय, सबसे अच्छा माना जाता है।
- 3भाई को बिठाएँ, और उसके माथे पर रोली का तिलक और अक्षत लगाएँ।कुछ बहनें राखी बाँधने तक व्रत रखती हैं।
- 4दीया जलाकर उसकी आरती उतारें।जैसे आरती में करते हैं: थाली को भाई के चेहरे के सामने गोल घुमाएँ।
- 5उसकी दाहिनी कलाई पर राखी बाँधें।कसकर बाँधें, पर बहुत तंग नहीं। चचेरे भाई, मुँहबोले भाई या पिता को भी राखी बाँध सकते हैं।
- 6उसे मिठाई का कौर खिलाएँ; वह भी आपको खिलाता है।पेड़ा, बर्फी, या घर पर बनी कोई भी मिठाई।
- 7भाई उपहार देता है, और साथ निभाने का वचन।पैसे, कोई चीज़, या बस साथ निभाने का वचन। फिर बड़ों को प्रणाम करें।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भद्रा में राखी बाँध सकते हैं?
परंपरा से भद्रा टालते हैं और उसके खत्म होने तक रुकते हैं। आपके स्थान पर वह कब खत्म होती है, यह इस पेज पर दिया है। रुकना न हो सके तो घर के बड़ों या पंडितजी से पूछें।
भाई दूर रहता है, तो क्या करें?
राखी समय से डाक या कूरियर से भेजें। तय समय पर वीडियो कॉल करें: आप आरती करें, और वह खुद राखी बाँधे, या घर का कोई बाँध दे।
भाई के अलावा किसे राखी बाँध सकते हैं?
बहनें, चचेरे या मुँहबोले भाई, पिता, गुरु, मित्र: राखी रक्षा का बंधन है। पहले पुरोहित यजमानों को और राजा को राखी बाँधते थे।
राखी कितने दिन पहननी चाहिए?
कोई नियम नहीं; कई लोग कुछ दिन पहने रहते हैं। उतारने के बाद कचरे में न डालें: पौधे के गमले में रखें या मिट्टी में दबा दें।
ऐप में याद लगाएँ
ऐप एक दिन पहले और उसी दिन सूचना भेजता है, बिना इंटरनेट भी।