दिल्ली
ऐप पाएँ
कालदर्शी
दिल्ली

त्योहार · फाल्गुन कृष्ण पंचमी

रंगपंचमी 2026

होली के पाँच दिन बाद, फाल्गुन कृष्ण पंचमी को, रंग पंचमी: रंग, पिचकारी और पानी। महाराष्ट्र में रंगों का असली दिन यही है!

8मार्चरविवार, 8 मार्च 2026पंचमी रात 9:11 तक

तारीख, तिथि और समय

तारीखरविवार, 8 मार्च 2026
हिंदू तिथिफाल्गुन कृष्ण पंचमी, रात 9:11 तक

समय दिल्ली के अनुसार। ऐप में आपके शहर का समय।

शहर के अनुसार तारीख

यह तारीख सभी शहरों में एक ही है।

अगले साल, 2027

27मार्चरंगपंचमीशनिवार, 27 मार्च 2027 · फाल्गुन कृष्ण पंचमी

संक्षिप्त जानकारी

  • अन्य नामरंगपंचमी, शिमगा
  • कहाँमहाराष्ट्र, मध्य प्रदेश (ख़ासकर इंदौर) और कर्नाटक
  • किसकी पूजाराधा और कृष्ण
  • एक पंक्ति मेंराधा और कृष्ण के रंग, और धूलिवंदन से शुरू हुए वसंतोत्सव का पाँचवाँ, आख़िरी दिन।

रंगपंचमी, थोड़ा विस्तार से

  1. 01

    पर्व के बारे में

    रंग यानी रंग, और पंचमी यानी पाँचवाँ दिन। धूलिवंदन से शुरू हुआ वसंतोत्सव आज पाँच दिन पूरे करता है।

    अब तक धूप तेज़ होने लगती है। एक-दूसरे पर पानी उड़ाने की रीत इसी से आई: रंग भी, और ठंडक भी।

    रंग लगने के बाद सब एक जैसे दिखते हैं: कौन छोटा, कौन बड़ा, पता ही नहीं चलता। आज की सीख यही है: भेद भूलिए, और घुल-मिल जाइए।

  2. 02

    कृष्ण, राधा और रंग

    बचपन में कृष्ण को एक चिंता थी: वे साँवले, और राधा गोरी। क्या राधा उन्हें पसंद करेगी?

    उनकी शिकायतों से थककर यशोदा ने कहा: जाओ, राधा से कहो, जो रंग चाहे तुम्हारे चेहरे पर लगा दे। राधा ने वैसा ही किया, और दोनों की जोड़ी बन गई।

    गोकुल में कृष्ण अपने ग्वाल-सखाओं पर पिचकारी से रंगीन पानी उड़ाते थे। माना जाता है कि राधा और कृष्ण ने इसी दिन साथ रंग खेले। इसलिए आज कृष्ण के साथ राधा की भी पूजा होती है।

  3. 03

    महाराष्ट्र में और दूसरी जगह

    गली-गली रंग, पिचकारियाँ और रंगीन पानी। प्राकृतिक रंग घर पर ही बन सकते हैं: फूलों की पंखुड़ियाँ, मेहंदी, हल्दी, चुकंदर और बेसन।

    कुछ जगहों पर देवता की मूर्ति शोभायात्रा में ले जाते हैं, और पास की नदी या तालाब में विसर्जन के साथ यात्रा पूरी होती है।

    इंदौर की गेर तो ख़ास है: राजवाड़ा के आसपास की सड़कों पर रंगीन पानी की बौछार, और लाखों लोग। यह परंपरा होलकरों के समय से चली आ रही है।

    ब्रज में, जहाँ राधा और कृष्ण बड़े हुए, होली का उत्सव रंग पंचमी तक चलता है, उनके प्रेम की याद में।

रंग कैसे खेलें

संक्षेप में: साफ़ पानी, प्राकृतिक रंग, गुब्बारे नहीं, और जो सूखा रहना चाहे उसका सम्मान।

  1. 1कई घरों में पहला गुलाल राधा-कृष्ण को चढ़ाते हैं।रंग पंचमी पर राधा-कृष्ण की पूजा होती है, इसलिए पहला रंग उनका।
  2. 2त्वचा और बालों पर तेल लगाएँ, और पुराने कपड़े पहनें।तेल से रंग त्वचा और बालों पर नहीं चिपकता।
  3. 3पिचकारी में साफ़ पानी और प्राकृतिक रंग भरें।रुका हुआ या गंदा पानी नहीं: घाव में संक्रमण हो सकता है।
  4. 4पानी के गुब्बारे इस्तेमाल न करें।गुब्बारे आँखों, कानों और जानवरों को चोट पहुँचाते हैं।
  5. 5खुली जगह में खेलें: गीली सीढ़ियों, छत और सड़क से बचें।गीले फ़र्श पर फिसलकर गिरना रंग पंचमी की सबसे आम दुर्घटनाओं में से है।
  6. 6छोटे बच्चों पर पानी और सड़क के पास नज़र रखें।इतने पास रहें कि बच्चा रंग निगल ले या पानी में फिसले तो तुरंत मदद कर सकें।
  7. 7पानी सँभलकर खर्च करें: पाइप नहीं, बाल्टी काफ़ी है।गर्मी शुरू हो चुकी होती है, और पानी कीमती है।
  8. 8खेल ख़त्म होने पर ख़ुद को और आँगन दोनों को साफ़ करें।सड़क पर पड़ा रंगीन पानी जानवर पीते हैं; उसे बह जाने दें, जमा न होने दें।

क्या चाहिए?टिक करते जाएँ

8 में से 0 तैयार

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धूलिवंदन पर रंग खेल लिया, फिर रंग पंचमी पर क्यों?

महाराष्ट्र में रंगों का पारंपरिक दिन रंग पंचमी ही है; धूलिवंदन से शुरू हुआ वसंतोत्सव आज पूरा होता है। शहरों में कई लोग दोनों दिन खेलते हैं।

पानी के गुब्बारे क्यों नहीं?

ज़ोर से लगा गुब्बारा आँख और कान को चोट पहुँचा सकता है, और राहगीरों और जानवरों को डराता है। फूटा प्लास्टिक कचरा बनता है, जिसे जानवर खा लेते हैं।

शरीर पर घाव हो तो?

घाव ढककर रखें, और रंगीन पानी से दूर रहें: गंदे पानी से घाव में संक्रमण हो सकता है। सूखे रंग का टीका काफ़ी है।

पालतू जानवरों को कैसे बचाएँ?

उन्हें घर के भीतर, शांत कमरे में रखें, और रंग न लगाएँ। गलती से रंग लग जाए तो हल्के शैंपू से धोएँ, और उल्टी या दस्त हों तो पशु-चिकित्सक को दिखाएँ।

ऐप में याद लगाएँ

ऐप एक दिन पहले और उसी दिन सूचना भेजता है, बिना इंटरनेट भी।

ऐप पाएँ

कालदर्शी को बेहतर बनाने में मदद करेंगे?

हम कालदर्शी का उपयोग गिनने के लिए Google Analytics इस्तेमाल करना चाहते हैं। इसमें कुकीज़ लगती हैं। आपका नाम या स्थान नहीं लिया जाता। गोपनीयता